UP Contract Employees Salary Update:
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षामित्र, अनुदेशकों सहित प्रदेश के लगभग 8 लाख संविदा कर्मचारियों के वेतन और मानदेय में भारी-भरकम बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूनतम मजदूरी की दर या फिर उससे कम वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को एक समान वेतन देने का निर्देश दिया है, ताकि वे कर्मचारी जो इस श्रेणी में आते हैं, वह अपने परिवार का भरण-पोषण ठीक प्रकार से कर सकें। प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। प्रदेश के शिक्षामित्र, अनुदेशक सहित विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कर्मचारी लंबे समय से सरकार से मानदेय बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। इसी बीच सरकार का यह निर्णय इन कर्मचारियों के लिए राहत देने वाला है।
प्रस्ताव को वित्त विभाग से मंजूरी
बता दें, ऐसे सभी कर्मचारियों के मानदेय बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है और इस प्रस्ताव को वित्त विभाग ने मंजूरी दी है। अब इसे जल्दी कैबिनेट में पास करने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार ने अलग-अलग विभागों में तैनात संविदा कर्मचारियों से लेकर आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से तैनात कर्मचारियों और दैनिक वेतन भोगियों को केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में तय की गई न्यूनतम मजदूरी की राशि के बराबर वेतन या फिर मानदेय देने का निर्णय लिया था। इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया गया था और उसे फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया।
संविदा कर्मचारियों के साथ शिक्षामित्र अनुदेशक भी हो सकते हैं शामिल
बता दें, सरकार को भेजे गए एक प्रस्ताव में कुछ और संवर्गों को लाभ देने के उद्देश्य से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें शिक्षामित्र और अनुदेशक भी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि वर्तमान में श्रम विभाग के न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अंतर्गत न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है, वह आज के समय में महंगाई को देखते हुए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं माना जा सकता है। लेकिन आज इसमें वृद्धि करने की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के लिए यह कदम उठा रही है। सरकार के इस निर्णय से 8 लाख से अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिसमें आउटसोर्स के लगभग 5 लाख, 1,20,000 संविदा कर्मी, जबकि 3,000 दैनिक वेतन भोगी और 1,43,000 से अधिक शिक्षामित्र तथा लगभग 25,223 अनुदेशक शामिल हैं।
कितना बढ़ सकता है मानदेय?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव में शिक्षामित्र और अनुदेशकों को जोड़ने का निर्देश दिया है। वर्तमान में उन्हें ₹10,000 प्रति माह, जबकि अनुदेशकों को ₹9,000 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। वहीं अकुशल श्रमिकों को ₹10,001, अर्धकुशल श्रमिकों को ₹11,772 प्रति महीना वेतन मिलता है तथा कुशल कर्मचारियों को ₹13,186 प्रति महीना मानदेय दिया जाता है। सरकार अब न्यूनतम वेतन ₹17,000 से लेकर ₹20,000 तक कर सकती है। फिलहाल अभी ₹9,000 से ₹10,000 तक ही इन कर्मचारियों को मिल रहे हैं। अगर इतनी ही बढ़ोतरी होती है, तो लगभग इन कर्मचारियों को दोगुना वेतन मिल सकता है। फिलहाल अब प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने का इंतजार है।

